अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सोवा-रिग्पा विज्ञान, कला एवं दर्शन शास्त्र से सम्पन्न है जो कि अनवरत अभ्यास एवं प्रगति का 2500 वर्षों से अधिक एक सम्पन्न संचयन है । यह एक विज्ञान है क्योंकि यह शरीर का व्यवस्थित (शरीर, रोग एवं पर्यावरण के साथ इसके सम्बंध को समझने का) एवं ताकिकर् स्वरुप प्रस्तुत करता है शरीर एवं रोग के बीच सह सम्बन्ध एवं इसके उपचार विधि का जुंग-वा-ना के सिध्दान्त के अन्तर्गत विस्तृत रुप से व्याख्या की गई है । यह एक कला है क्योंकि रोग निदान तकनीक एवं औषधियों का मिश्रण रचनात्मक, विशालता, कोमलता, चिकित्सा अभ्यासकों के अनुकम्पा पर आधारित है । सोवा-रिग्पा एक दर्शन है क्योंकि यह बुध्द के सिध्दान्त, कर्म एवं नीति शास्त्र आदि का अनुकरण करता है । मन, शरीर के सम्बंध एवं अग्रणी प्रकृति के साथ पूर्ण सद्भावना,जिससे शरीर एवं मन के संतुलन के साथ स्वस्थ जीवन जीने का मार्ग दर्शन प्राप्त होता है ।