अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


आयुर्वेद के लिए संभावित खतरे

प्रश्न ।: क्या धात्वीय तैयारियाँ लेने के लिए सुरक्षित है?

उत्तर: हाँ लेकिन अनुभवी आयुर्वेदिक चिकित्सक के पर्यवेक्षण के अंतर्गत। धत्वीय तैयारियाँ उपभोग के लिए सुरक्षित हैं बशर्ते कि वे परिश्ध्दता से तैयार किए जाते हैं परिस्थितियों को पूर्ण रुप से संबंधित समझते हुए चिकित्सा पर्यवेक्षण के अंतर्गत निर्धारित किए जाते हैं।

प्रश्न 2: क्या उल्लेख की गई आयुर्वेदिक दवाओं के लिए कोई समाप्ति तिथि है?

उत्तर: हाँ विभिन्न तैयारियों के लिए भिन्न स्वीकार्यता अवधि/आयुर्वेद के पारंपरिक उध्दरण। हलांकि वहां औषधियों के कोई वर्गीकृत करते हैं जो कि समान न्नपुराना अच्छा न्न के रुप मं समझे जाते हैं यथा - घृत, आसव, आरिष्टं एवं भस्म आदि।

प्रश्न 3: क्या जीवन के लिए जहां बीमारियों का खतरा है आयुर्वेद में कोई उपचार है?

उत्तर: हाँ. कुछ पादप औषधियां (जो कि जहरीला अन्यथा हो सकता था) मद्यजन्य उध्दरण, धात्वीय/खनिज पदार्थ तैयारियां हैं जो यथा - कस्तूरीवत्सनभ, कुचला, मृत सन्जीवनीसुरा, हेमगर्भ पटलीन श्वास कुठार रस का नस्य आदि इसके लिए उपयुक्त है।

प्रश्न 4: क्या भारत में आयुर्वेदिक औषधियों के लिए जांच प्रयोगशालाएं हैं?

उत्तर: हां राष्ट्रीय स्तर पर, भारतीय मैडीसिन की भेषज संहिता प्रयोगशाला (पीएलआईएम), गाजियाबाद, एक केन्द्रीय संस्थान है जो मानकीकृत किए गए आयुर्वेदिक दवा के विभिन्न मानदण्ड निर्धारित करते हैं औषध जांच प्रयोगशालाओं का उद्देश्य आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक इत्यादि औषधि की एलोपैथी जाँच करना है यह केंद्रीय औषधि जांच प्रयोगशालाएं चंडीगढ, क़ोलकता इत्यादि में स्थित हैं।

प्रश्न 5: क्या आयुर्वेदिकदवाएं दुष्प्रभाव से स्वतंत्र हैं?

उत्तर: आयुर्वेदिक औषधियां दुष्प्रभाव से स्वतंत्र है बशर्ते कि वे योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक के पर्यवेक्षण के अंतर्गत निर्धारित किए गए एवं प्रयोग किए गए एवं प्रयोग किए गए स्तरों के अनुसार तैयार किए जाते हैं। लेकिनअव्यवस्था की कोई किस्म दुष्नप्रभाव उत्पन्न कर सकती है।

प्रश्न 6: क्या आयुर्वेदिक चिकित्सकों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है?

उत्तर: हाँ नई दिल्ली में केंद्रीय भारतीय चिकित्सा परिषद विभिन्न राज्यों में आयुर्वेदिक चिकित्सा की राज्य परिषदें हैं योग्य आयुर्वेदिक चिकत्सकों को सीसीआईएम, नई दिल्ली में अथवा उसके राज्य परिषदों में नाम पंजतीकृत किया जाता है।

प्रश्न 7: क्या आयुर्वेदिक दवाओं में विषैलापन मापने के लिए कोई स्तर है?

उत्तर: हां, वहां भारी धातु की उपस्थति का अनुमान है एवं यह अनुमति योग्य सीमाओं में वर्तमान है या नहीं। आयुर्वेदिक भेषज - सग्रह भाग-॥ में भारी धातुओं की सममाएं संख्या-3 पीपीएम लीड 10 पीपीएम, कैडमियम-0.3 पीपीएम, पारा करती है-। पीपीएम।

प्रश्न 8: क्या एलोपैथिक दवाएं प्रयोग करने के लिए अनुमति हेतु आयुर्वेदिक चिकित्सक पंजीकृत किए जाते हैं?

उत्तर: कुछ राज्यों द्वारा कुछ जीवन रक्षक औषधियां आयुर्वेदिक चिकित्सकों के द्वारा निर्धारित करने के लिए अनुमति दी जाती है, बसर्ते कि उनके पास औषधि के संबंध में विस्तृत ज्ञान हो।

प्रश्न 9: क्या आपातिक स्वास्थ्य समस्याएं में आयुर्वेदक दवाएं लाभप्रद हैं?

उत्तर: हां अत्यधिक चिकित्सा अतिसार, ज्वर इत्यादि के समानकुछ बीमारियों के लिए आयुर्वेद दवाएं उदाहरण है।

प्रश्न:10 कुछ चिकित्कों द्वारा तैयार दवाओं का संघटक प्रकट नहीं करते हैं क्या यह अभ्यास अनुमति किया गया है?

उत्तर: नहीं दवापात्र पर लेबल को अन्य जरुरी आंकड़ों के साथ् सूचीबध्द किए गए दवाओं को संघटक रखना चाहिए। अत: संघटक प्रकट नहीं करने या छिपाना कानून के अनुसार शुध्द नहीं है।

प्रश्न 11: क्या भारत में अनुमति आयुर्वेदिक उपचार निर्धारित करते हुए आयुर्वेदिक दवाएं एवं अन्य अभ्यास कर रहे हैं से अलग चिकित्सक ने आयुर्वेद औषधि निर्धारित करने हेतु?

उत्तर: विशेष चिकित्सा पध्दति का पंजीकृत चिकित्सक को उसी चिकित्सा की पध्दति में केवल अभ्यास करना चाहिए अन्य चिकित्सा पध्दतियों के चिकित्सकों के आयुर्वेद में अभ्यास करने के लिए अनुमति नहीं है और न आयुर्वेद चिकित्सक को अन्य चिकित्सा पध्दतियों में अभ्यास करना चाहिए।