अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


वृध्दावस्था देखभाल एवं सिध्द

प्रशन -1 क्या सिध्द में वृध्दावस्था समस्याओं के लिए कोई विशेषीकृत मालिश थैरपी है ?

उत्तर - हाँ थोक्कनम  (भौतिक चिकित्सा तकनीकी) विशेष मालिश थैरेपी है, जो वृध्दावस्था के मरीजों के लिए अत्यधिक लाभप्रद है।

प्रश्न -2 क्या सिध्द प्रणाली में वृध्दावस्था की उपचार के लिए कोई अन्य लाभप्रद जड़ी - बूटीय औषधियाँ प्रयोग की जा रही हैं ?

उत्तर- हाँ,वल्लरै (सेन्तेल्ला असिआटिका,अमुक्कारी) (वीथनिया सोग्नीफेरा) सीन्थिल (टिनोसपोरा कॉर्डिफोलिया) एवं नेल्लिक्कई इम्बलिका ओफिसिनेलिस औषधियाँ समस्याओं में लाभकारी      लाभप्रद जड़ी - बूटीय औषधियाँ हैं।

प्रश्न -3 क्या वृध्दावस्था देखभाल की समस्याएँ दूर करने के लिए सिध्द में कोई अन्य व्यापक पध्दतियाँ है?

उत्तर- हाँ,सिध्द योग एवं मेडिटेशनमनन वृध्दावस्था की समस्याएँ दूर करने के लिए एक समग्र पध्दति     है।
प्रश्न-4 क्या वृध्दावस्था समस्याओं के लिए सिध्द धात्वीय योग उपयुक्त है?

उत्तर- हाँ कुछ जीर्ण रोगों जैसे दमा (त्वक विकार) इत्यादि में सिध्द धात्वीय योगों की सलाह दी जा सकती है।
प्रश्न- 5    क्या सिध्द में पागलपन के लिए कोई लाभप्रद उपचार है ?
उत्तर- हाँ पागलपन के लिए वल्लरै एवं चूर्णम वही (सेन्तेला असियाटिका) थन्नीर्विटन नेअई  एस्पारागस रेसेमोसस एवं अरक्कु थैलम का प्रयोग किया जा सकता है।
प्रश्न-6 वृध्दावस्था देखभाल संबंधि बीमारियों का सिध्द पध्दति द्वारा कैसे निदान किया जा सकता है?
उत्तर-  त्रिदोष चिकित्सा इन्वगैथैर्वु एवं 7 धातुओं का निदान प्रयोग करके वृध्दावस्था देखभाल से संबंधित बीमारियों का निदान किया जा सकता है।
प्रश्न-7 क्या सिध्द में ऑस्टिअर्थराइटिस के लिए कोई लाभप्रद उपचार उपलब्ध है?
उत्तर- हाँ अमुक्करा चूर्णम वीथनिया सोग्नीफेरा),अयवीरा चेन्दूरम (लौह एवं आर्सेनिक सम्मिलित है) एवं वात केसरीथैलम (सत्व प्रयोग) ऑस्टियोअर्थराइटिस के लिए प्रयोग किया जाता है।