|
घरेलू उपचार घर पर उपलब्ध मसालें, दाल, फल, शाक, बीज और सामान्य रुप से मिलने वाली वनस्पतियों का प्रयोग करके निर्मित औषधियों से की जाने वाली चिकित्सा को घरेलू उपचार कहते है। यह एक परम्परागत अभ्यास है और आयुर्वेद से निकटस्थ रुप से संबंध्द है। सामान्यत: घरेलू औषधीय उपचार हानि रहित होते है तथा यदा-कदा ही कोई दुष्प्रभाव करते है। अन्य प्रचलित औषधियों की तुलना में ये सस्ती दर पर तैयार होती है। प्राचीन काल से ही घरेलू औषधियाँ हमारे पूर्वजों द्वारा सामान्य रोगों को यथा:- जुकाम, खाँसी, पाचन संबंधी समस्यायें आदि के निवारणार्थ प्रयुक्त की जाती रही है। |
|