अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आयुर्वेद गहन दार्शनिक आनुभाविक एवं प्रायोगिक तथ्यों पर आधारित है। अनेकों जीर्ण व्याधियों में प्रयुक्त दवाओं के बढते हुए दुष्प्रभाव एवं रोगनिवारण शक्ति का अभाव, औषधियों का अधिक मूल्य, जीवाणुओं में औषधियों की प्रतिरक्षा विकसित होना और नये नये रोगों की उत्पत्ति होना ऐसे कुछ कारण है जिससे लोगों में आयुर्वेद की औषधियों के प्रति अभिरुचि बढ रही है। आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर स्वीकृति मिलने के कारण इसके बारे में जानकारी की माँग में निरन्तर वृध्दि हो रही है। आयुर्वेद के चिकित्सकों की वर्तमान में जर्मनी, रूस, सिंगापुर, मलेशिया, यूनाटेड स्टेट्स एवं पश्चिमी एशिया के देशों में माँग बढ रही है।


जहाँ स्वास्थ्य कर्मियों अनुसंधानकर्ताओं और उपभोक्ताओं में आयुर्वेद के प्रति अभिरूचि में वृद्वि हुई है। वहीं आयुर्वेद औषधि के विषय में कुछ गलत अवधारणायें है। अधिकाँश पूछे जानेवाले प्रश्न विज्ञान, इसकी क्षमता एवं स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण सूचनाएँ प्रदान करते हैं ।